SOCIAL MEDIA AND DEPRESSION : सोशल मीडिया और तनाव भरा जीवन

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सोशल मीडिया के बीच सही जीवन का चुनाव कैसे करें ?

myhindimind.comसोशल मीडिया और तनाव यह  लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा बन गया है। जी हाँ दोस्तों यही सच है लोगों का जीवन सुविधाओं के साथ साथ तनाव में  भी भरता जा रहा है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आज कल लोगों का खाना पीना से ज़्यादा अहम तो सोशल मीडिया बन गया है। 

सोशल मीडिया आज हमारे प्रत्येक के जीवन में एक अच्छी भूमिका निभा रहा है। हम जहां भी हैं, जो कुछ भी कर रहे हैं, हम उसे सोशल मीडिया हैंडल में पोस्ट करना पसंद करते हैं। यह एक प्रकार से अच्छा भी है क्योंकि आजकल हम जीवन में इतने व्यस्त हैं कि लोगों का हर समय शारीरिक रूप से मिलना बड़ा ही मुश्किल है।  

कम से कम सोशल मीडिया हमें एक ऐसा platform तो  देता है जहां हम एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं, जीवन में एक-दूसरे की घटनाओं के बारे में जान सकते हैं। और साथ ही हमें अपनी प्रतिभा Talent  दिखाने के लिए यहां एक big platform  मिलता है जो कमाई का एक जरिया भी हो सकता है। 

देखा जाय तो , बहुत से लोग social media  के माध्यम से अपनी आजीविका को काफी हद तक बना भी रहे हैं जो वास्तव में बहुत ही प्रशंसनीय है। इसके अलावा कई अन्य लाभ भी हैं जो हमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मिलते हैं, लेकिन दोस्तों कहानी सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती है।

मेरा ऐसा मत है कि सोशल मीडिया एक ‘दोधारी तलवार’ की तरह है।अब देखिये कि  इतने सारे फायदों के साथ इसका एक बहुत Deep Angle भी  है जो हमारी सकारात्मकता, मानसिकता, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और हमारे पूरे जीवन को कुछ मामलों में दिन-प्रतिदिन निगल रहा है,खत्म कर रहा है। क्या आपने सोचा है इस बारे में ?यदि नहीं तो आज हम बता रहे हैं इस सच्चाई के बारे में,ध्यान से पढ़िएगा ।   

दोस्तों ,अकेलेपन से छुटकारा पाने के लिए सोशल मीडिया हमारे जीवन में एक महान भूमिका निभाता है।हम अक्सर वहां पर  लोगों से बात करते हैं, कई दोस्तों और मशहूर हस्तियों का अनुसरण follow भी करने लगते हैं और उनके Pictures को Like करके उनके जीवन का हिस्सा बनने की कोशिश करते हैं।लेकिन कभी-कभी हमें यह चींजें खुश करने के बजाय हमें एक उदास, असुरक्षित, चिंतित Mind मन  के रूप में बना देती हैं।जिसकी हमने अभी कल्पना भी नहीं की होती है। 

आप जानकार हैरान होंगे कि इस स्थिति का मुख्य रूप से शिकार हमारे समाज की Adult की Youth Generation है।वे सोशल मीडिया norms के साथ अपनी क्षमताओं, जीवन, सब कुछ को Calculate करना शुरू कर देते हैं और परिणामस्वरूप क्या होता है ? समाज का सबसे आशाजनक और मस्ती वाला  हिस्सा चिंता और अवसाद से ग्रसित हो जाता है। यह संख्या दिन व दिन बढ़ती ही जा रही है।

कैसे SOCIAL MEDIA depression की ओर ले जाती है ?

SOCIAL MEDIA AND DEPRESSION : सोशल मीडिया और तनाव भरा जीवन

यह सत्य है ,सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग हमें वास्तविक मित्रों और वास्तविक दुनिया Real World से दूर ले जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं ? यह वास्तव में इससे भी बदतर है। और इसका मुख्य रूप से  शिकार आजकल के teenagers हैं। आइये जानते हैं यह किस तरह से होता है :

1. virtual world में लगभग हर समय रहना मतलब हमें खुद की तुलना दूसरों से करनी होती है। एक निश्चित समय के बाद आपको लगने लगता है कि आप कुछ ऐसे लोगों के लिए अच्छे हैं जो कुछ भी नहीं हैं और वे सिर्फ सभी अपना अपना काम कर रहे हैं।

2. हम अक्सर सोचने लगते हैं कि जो लोग Photos में मुस्कुरा रहे हैं, Smile कर रहे हैं वे हमसे बेहतर जीवन जी रहे हैं। वे ही जीवन का सारा मज़ा ले रहे हैं और हम यहां घर में फंसे हुए हैं।

3. जाने व अनजाने में हम अपने पोस्ट पर अधिक से अधिक Followers और Like  पाने के लिए अपने जीवन के हर चीज को सार्वजनिक रूप से पोस्ट करने की होड़ में लग जाते हैं,और अपनी गुप्त रखने वाल बातें भी पब्लिक में पोस्ट कर देते हैं क्योंकि , यह हमें बुरा लगता है जब हमारी Photos आदि में बहुत कम Like आते  हैं।

4. हम एक व्यक्ति को उसकी  Photos में Like और कमैंट्स  के आधार पर न्याय करना शुरू करते हैं जो कि नकारात्मकता से भरा हुआ होता है।

5. जब कोई व्यक्ति किसी भी तरह की achievement और success प्राप्त कर रहा होता है, तो inspired होने के बजाय हम insecure और worthless feel करते हैं जो हमें अपने self-confidence को खोने के लिए आगे push करता है।

6. हम जिसको भी अपना  idol बनाते हैं, उसकी Copy  करने लगते हैं। जीवन में एक Idol  का होना बहुत अच्छा है, लेकिन उसकी Copy करने का मतलब है स्वयं के व्यक्तित्व को खोना। ध्यान रखिये किसी को inspired करने और उसकी Copy  करने में बहुत अंतर होता है।

7. हम कभी-कभी जिस भी सेलेब्स की पोस्ट पढ़ते हैं या वो जो कहते हैं, तो हम लोग सोचने लगते हैं कि यही अंतिम सत्य है और हमारा एकमात्र काम सिर्फ उनका Follow करना है। यही  बात अक्सर हमें एक नकारात्मक और निराश व्यक्तित्व की ओर ले जाती है।

अपनी MENTALITY को बदलें और POSITIVE बनें :

SOCIAL MEDIA AND DEPRESSION : सोशल मीडिया और तनाव भरा जीवन आज वास्तव में हम सबको सोशल मीडिया की जरूरत है। ऐसे जब सब कुछ ऑनलाइन है और तो हमें अपने आसपास होने वाली घटनाओं के बारे में भी अपडेट रहना ही चाहिए। इसलिए यह कहना बेवकूफी की बात होगी कि ‘सोशल मीडिया का उपयोग करना छोड़ दें‘ लेकिन हम जो काम कर सकते हैं वह यह है कि हम इसका अनावश्यक रूप से उपयोग करना बंद दें और चीजों के बारे में सोचने का अपना तरीका बदल दें। 

एक सेलिब्रिटी Daily Awesome  Photos पोस्ट कर रहा है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह जीवन में बेहद खुश है।उन्हें हर समय खबरों और लोगों की नज़रों में बने रहने की ज़रूरत होती है।यह उनके जीवन का एक हिस्सा है, यही उनका काम है। यदि वे नियमित रूप से पोस्ट करना बंद कर दें तो लोगों को उन्हें भूलने में अधिक समय नहीं लगेगा।

इसलिए उनकी तुलना अपने जीवन से कभी भी बिलकुल न करें। आप भी स्वयं Awesome  हैं,Unique हैं  और इसके लिए  हर रोज़ अपनी  स्टाइलिश Photos पोस्ट करके यह साबित करने की कहीं भी कोई ज़रूरत नहीं है।अगर यह स्वाभाविक रूप से होता है तो यह आपके ऊपर है अन्यथा ऐसी बेवकूफी में खुद को आगे न बढ़ने दें जिसका कोई मतलब नहीं है। सेल्फी पोस्ट करना मजेदार हो सकता है लेकिन ritual नहीं।

लोगों से inspired हों लेकिन उनकी नकल न करें। प्रत्येक व्यक्ति की अपनी unique style होती है। आपके पास भी ऐसी ही एक अवश्य होगी, बस इसे Grow होने  दें, और यह पता लगाने की कोशिश करें कि आप वास्तव में क्या करना चाहते हैं।किसी भी अन्य की lifestyle को स्वयं का overshadow मत होने देना। यदि ऐसा करेंगे तो आप कभी भी अपने आप को नहीं जान पाएंगे। ध्यान रहे कभी भी उनके कहे हुए को सीधा कॉपी नहीं करना है।

असली बात तो यह है कि सोशल मीडिया विभिन्न चीजों से भरा पड़ा हुआ है, जिनमें से अधिकांश Fake चींजे हैं,नकली हैं।स्क्रॉल करते समय जो कुछ भी आ रहा है उसे देखें लेकिन हर चीज को अपने जीवन से न जोड़ें।सोशल मीडिया Social Media को अपने जीवन पर Control न करने दें। ध्यान रहे ! यह आपके जीवन को बर्बाद भी कर सकता है और आपको सबसे बेईमान व्यक्ति भी बना सकता है, क्योंकि यह आपको Life  का एक नया तरीका दिखा सकता है। 

SOCIAL MEDIA AND DEPRESSION : सोशल मीडिया और तनाव भरा जीवन अपने बारे में निराश होने के बजाय किसी की achievement  पर खुश होंने की कोशिश करना चाहिए। व्यर्थ की सोच से अच्छा है कि कुछ नया करने का जोश लाया जाय, नयी उमंग लायी जाय।सुबह की सेल्फी पोस्ट करने के बजाय उन लोगों को ‘Good Morning ‘ कहने की कोशिश करें, जो वास्तव में आपकी Care करते हैं।