Friendship Day फ्रेंडशिप डे क्यों मनाते हैं ?

बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके मन में इस प्रकार का सवाल अवश्य आता है कि आखिर यह मित्रता दिवस मतलब फ्रेंड्शिप डे  क्यों मनाते हैं ? कुछ लोग ऐसे भी हो सकते हैं जो मनाते तो हैं पर जनकारी नहीं है क्यों मनाते हैं?लेकिन सच बात तो यह है कि “दोस्तों के बिना तो ज़िंदगी अधूरी सी ही रहती है ” क्योंकि यह रिश्ता अनमोल होता है जो कभी कभी तो  सगे खून के रिश्ते से भी बढ़कर हो जाता  हैं ! 
 
कुछ लोगों के लिए तो वास्तव में यह खून के रिश्ते से भी बढ़कर है क्योंकि कई बार सगे काम में नहीं आते समय पर यह दोस्त ही हैं जो अपनी जान तक देने को तैयार हो जाते हैं। एक सच्चा दोस्त होना मानव जीवन की सबसे बड़ी अनमोल उपलब्धि होती है जो हर किसी  के पास नहीं होती यह तो बड़े ही भाग्यों से मिलती है! क्या आपका भी है ऐसा कोई मित्र जो आप के लिए समय आने पर जान की परवाह भी नहीं कर सकता? कमेंट करके जरूर बताएं। 
 
तो आज के इस लेख में हम  Friendship Day की सम्पूर्ण चर्चा जरने जा रहे हैं। इस डे को आज विश्व के लगभग सभी देश अपने अपने तरीके से मानते हैं। लेकिन क्या आपको पता  है कि आखिर इसका इतिहास क्या है? मतलब यह कब स्टार्ट हुआ था और कैसे यह चलन में आया आदि ? यदि नहीं तो चलिए हम आपको इसके बारे में विस्तृत जानकारी देते हैं :

फ्रेंडशिप डे क्या है - What is Friendship Day in Hindi ?

फ्रेंडशिप डे सबसे बड़ी खास बात यह है कि यह हर साल अगस्त के संडे को ही मनाया जाता है। इस दन सभी मित्र आपस में मलकर के Celebrate करते हैं। सभी उम्र के लोग फिर चाहे वो छोटे बच्चे हों या फिर वुजुर्ग हों एक दूसरे से मिलकर अपनी दोस्ती की अहमियत बताते हैं और उपहार स्वरूप gift देकर अपना प्रेम भी दर्शाते हैं।
 
तो क्या आप जानते हैं कि मित्रता दिवस सबसे पहले कब शुरू हुआ था ?
 
सर्वप्रथम  Friendship Day, World में 1958 को Celebrate किया गया था। 

Friendship Day क्यों मनाते हैं?

दोस्त जीवन का सबसे अनमोल उपहार होते हैं जो हमेशा साथ और काम में आने वाले होते हैं जिनका एहसान शायद ही कभी चुकाया जा सकता है। ऐसे में इस दिन को आपस की दोस्ती को सेलिब्रेट किया जाता है। एक दूसरे के प्यार और विस्वास का सम्मान किया जाता है। एक दूसरे के लिए कितना प्रेम है इस दिन दर्शाया है और अन्य लोगों के लिए मिशाल पेश करते हैं। 
 
दोस्ती में अपनापन , प्यार की भावना , सम्मान की भावना , विस्वास और ईमानदारी आदि की भावना के खास गुण होते हैं जो दोस्ती को मजबूत करती है।यदि ऐसा दोस्त कोई रूठा हो तो इस दिन उसे भी मना लेते हैं -उसे उपहार देकर , अपनी मजबूत दोस्ती के उदाहरण देकर। 

Friendship Day कैसे मनाते हैं ?

दोस्तों अब बात करते हैं कि इसे किस प्रकार से सेलिब्रेट  जाता है ? आजकल मार्किट में बहुत सारे ऐसे गिफ्ट पहले ही आ आजाते हैं जो मित्र दिवस या Friendship Day के दिन एक दूसरे को दिए जाते हैं। जिसमें सबसे ज़्यादा trend में है “Friendship Band” , इस Band को सिर्फ अपने पुराने मित्र को ही नहीं , नए दोस्त को भी दे सकते हैं, या फिर आप किसी को मित्र बनाना चाहते हैं तो भी इस band  के द्वारा हम बना सकते हैं उनके हाथों में पहना कर। 
 
बाजार में ढेर सारे उपहारों की भरमार होती है जो हम अपने दोस्तों को गिफ्ट के रूप में दे सकते हैं। दोस्त के फेस वाले T-shirt, Mug आदि भी खूब Trend करते हैं। सोशल मीडिया के अलावा by hand भी गिफ्ट कार्ड दिए जाते हैं।
 
कुछ लोग पार्टी भी किया करते हैं और बहार जाकर get together भी करते हैं और इस  दिन को खूब एन्जॉय करते हैं और आगे के लिए भी अपनी दोस्ती को और मजबूत करते हैं।

Friendship Day कैसे मनाते हैं ?

दुनिया सबसे पहले `इस डे की शुरुआत वर्ष 1958 में पेराग्वे से हुई जो कि एक अंतरष्ट्रीय Friendship Day के रूप में भी मनाया गया था। 
 
शुरुआत में Friendship Day चिट्टी -पत्री, ग्रीटिंग कार्ड आदि से WISH देकर मनाया जाता था। और इसका भी खूब दिलचस्प जमाना रहा। उसके बाद धीरे -धीरे फ़ोन इंटर्नेट ने एक अलग ही शुरुआत की जबकि “पेन पाल” का विकसित रूप है यह आधुनिक सोशल मीडिया जैसे Facebook , Whats-app , Twitter , Instagram आदि। 
 
ऐसा माना जाता है कि सबसे पहले इस दिवस को मनाने का ख्याल “डॉ रामन आर्टिमियो बेक्रो “के मन आया था जो की उन्होंने एक मित्र गोष्ठी में बैठक लिया था। जिसका नाम “वर्ल्ड मैत्री क्रूसेड” था जिसमें भेदभाव के सबको सम्मिलित किया गया था।   

Friendship Day की शुरुआत कहाँ और कैसे हुई?

 ऐसा माना जाता है कि एक बार अमेरिकी में किसी व्यक्ति को 1935 में उसके  लिए मृत्युदंड दिया गया। इस व्यक्ति एक सच्चा दोस्त था जब इसको उसकी बात पता चली  तो इतना दुखी हुआ कि उसने  suicide कर ली। तब लोगों ने उसकी दोस्ती की खूब वाहवाही की और वहां की सरकार ने दोस्ती की इस मिशाल को लेकर उस दिन को ही मित्र दिवस घोषित किया जो  कि अगस्त का पहला संडे था। बस उसी दिन से लोग इसे हर वर्ष मानाने लगाने। 
 
तो इस तरह से यह Friendship Day अमेरिका से 1935 में शुरू हुआ और फिर धीरे धीरे विश्व का अन्य देशों में भी यह चलन में आता गया। और आज भारत सहित बहुत से देश इस दिन को विभिन्न तरीके से celebrate करते हैं।
 
 
 
 

Friendship Day का क्या मकसद है?

riendship Day एक ऐसा दिन है जिसमें आप अपने कीसी भी मित्र फिर चाहे वो दूर हो या पास हो ,उसे याद दिलाने का दिन है कि “दोस्त तू मेरी ज़िंदगी के लिए कितना महत्वूर्ण है ” तेरे बिना ज़िंदगी बेरंग सी होती है। जीवन में किसी सच्चे मित्र का मिलना एक अनमोल उपहार होता है। जो हर किसी को नहो मिलता है जिसे मिलता है वही इसकी कीमत समझ सकता है। 
 
एक दोस्त ही तो होता है जो आपके हर अच्छे बुरे समय में साथ आता है , सदैव आपके संग खड़ा होता है। अपनी जान की परवाह किये बिना भी आपकी मदद करता है। तो भला ऐसा मित्र जिसेक पास है उसकी ज़िंदगी में कभी दुःख आ ही नहीं सकते। 
 
तो ऐसे मित्रो के लिए एक दन तो खास बनता ही है जिसमें हम कह सकें की तू कितना खास है मेरे लिए। बेसे तो ऐसे दोस्तों के लिए तो यह एक दिन भी कम है।   
 
तो दोस्ती के बिना ज़िंदगी ज़िंदगी ही नहीं है , भगवांन का शुक्रिया है कि उसने यह बहुत ही प्यारा और खूबसूरत रिश्ता बनाया है क्योंकि –
 
  • दोस्त ही होते हैं जो आपके उस समय भी खड़े होते है जब अपने भी साथ छोड़ देते हैं। 
  • दोस्त ही होते हैं जो आपके गलत होने पर भी आपका साथ देते हैं। 
  • दोस्त ही होते हैं जब आप रो रहे होते हैं तब वो आपको हंसाते हैं फिर चाहे स्वयं कितन भी दुखी हों। 
  • दोस्त ही होते हैं जो खुद की जेब खाली रखते हैं लेकिन आपको को काम नहीं आने देते हैं। 
  • दोस्त ही होते हैं जो आपके लिए ज़माने से लड़ जाते  हैं। 
  • दोस्त ही होते हैं जो आपमें लाख कमी होने के वावजूद हमेशा तारीफ ही करते हैं। 
  • दोस्त ही होते हैं जिनका खून का रिश्ता तो नहीं होता लेकिन उससे से भी बढकर होता है। 
 
दोस्त बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है फिर चाहे वो किसी भी रूप में क्यों न हो या किसी भी शक्ल में क्यों न हो। भाग्यशाली हैं वो जिन्हे यह रिश्ता मिला क्योंकि पूछो उनसे जो अकेले हैं जिनका कोई मित्र नहीं है। दोस्ती ही ज़िंदगी का दूसरा नाम है। 
 
तो मेरे प्यारे दोस्तों उम्मीद करता हूँ कि आप लोग भी कभी साथ नही छोड़ेगे मेरा और साथ ही यह उम्मीद करता हूँ कि दोस्ती पर यह छोटा सा लेख पसंद आया होगा। Friendship Day पर यह लेख पसंद आया है तो अपने सोशल अकाउंट पर जरूर शेयर करें। 
 
दोस्तों आप हैं तो हम हैं आपके  हौसला अफजाई से ही हम काम कर  पाते हैं। आप लोग इसी तरह साथ देते रहना। आप लोगों का दिल से शक्रिया अदा करता हूँ इस दोस्ती के लिए। क्या आपका भी कोई सच्चा मित्र है नीचे कमेंट करके जरूर बताना और मेरा यूट्यूब चैनल #myhindimind देखना मत भूलना। Friendship Day की आप सभी को भी बहुत -बहुत शुभकामनायें।   

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